By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: कागजों में क्लीनचिट, सवाल अब भी बरकरार,देवगंगा बोरवेल्स मामले में जांच पर उठी उंगली,कागजी कोरम की ओट में दब रही अनियमितताएं!
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Big NewsNai aawazरायगढ़

कागजों में क्लीनचिट, सवाल अब भी बरकरार,देवगंगा बोरवेल्स मामले में जांच पर उठी उंगली,कागजी कोरम की ओट में दब रही अनियमितताएं!

Nai Aawaz
Last updated: September 10, 2026 4:53 pm
Nai Aawaz
Share
5 Min Read
SHARE

रायगढ़। प्रशासनिक पारदर्शिता, राजस्व की शुचिता और शासकीय योजनाओं की विश्वसनीयता महज सरकारी अभिलेखों में दर्ज शब्द नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर आम नागरिक का विश्वास टिका होता है। लेकिन जब किसी शिकायत की जांच ही औपचारिकताओं की चौखट तक सिमट जाए और गंभीर सवालों का उत्तर तलाशने के बजाय कागजी खानापूर्ति को ही निष्कर्ष मान लिया जाए, तब व्यवस्था की नीयत और निष्ठा दोनों पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। ऐसा ही एक मामला रायगढ़ वृत्त-दो के अंतर्गत सामने आया है।

बता दें, मेसर्स देवगंगा बोरवेल्स एण्ड कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध पंजीयन, व्यवसायिक कोड (HSN/SAC) तथा शासकीय बिलिंग में कथित अनियमितताओं को लेकर उच्चस्तरीय स्तर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मूल रूप से यह सवाल उठाया गया था कि जिस व्यवसाय के लिए आवश्यक पंजीयन एवं संबंधित सेवा कोड की स्थिति स्पष्ट नहीं थी, उसके नाम पर पूर्व अवधि में शासकीय पंचायतों को बिल किस आधार पर जारी किए गए।

और वहीं प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, संबंधित फर्म पूर्व में स्टेशनरी व्यवसाय के नाम से पंजीकृत थी, जिसे बाद की अवधि में बोरवेल खनन संबंधी व्यवसाय में परिवर्तित किया गया। आरोप है कि आवश्यक व्यवसायिक सेवा कोड दर्ज किए जाने से पहले ही कई शासकीय पंचायतों के नाम पर लाखों रुपये के बिल जारी कर दिए गए। शिकायतकर्ता द्वारा इसी बिंदु को लेकर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद मामले की जांच की गई।

हालांकि, जांच प्रतिवेदन की कार्यप्रणाली पर ही अब सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रतिवेदन में व्यवसायी द्वारा कथित रूप से अज्ञानतावश हुई त्रुटि तथा बाद की अवधि में जमा किए गए रिटर्न और कर भुगतान को प्रमुख आधार बनाया गया है। इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि कर राशि का भुगतान हो जाने से शासन को राजस्व की क्षति नहीं हुई और प्रकरण को नस्तीबद्ध कर दिया गया।

लेकिन असली सवाल यहीं से जन्म लेता है—यदि किसी अवधि में आवश्यक पंजीयन संशोधन अथवा संबंधित व्यवसायिक कोड दर्ज नहीं था, तो उससे पूर्व की तिथियों में उसी व्यवसाय से संबंधित शासकीय बिल जारी करने की वैधानिकता की जांच किस स्तर तक की गई? क्या बाद में कर जमा कर देना पूर्व में की गई प्रक्रियात्मक विसंगति को स्वतः वैध बना देता है?

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अपेक्षा थी कि जांच केवल दस्तावेजों और मौखिक बयानों के सतही मिलान तक सीमित न रहकर बिल जारी होने की वास्तविक तिथियों, उस समय फर्म के पंजीयन की स्थिति, संबंधित HSN/SAC कोड, पंचायतों द्वारा किए गए भुगतान तथा बाद में किए गए संशोधनों के बीच स्पष्ट तारतम्य स्थापित करती। मगर प्रतिवेदन में इन बिंदुओं पर अपेक्षित गहराई से पड़ताल हुई या नहीं, यह स्वयं एक बड़ा प्रश्न बनकर सामने खड़ा है।

राजस्व की क्षति न होना और प्रक्रिया का विधिसम्मत होना दोनों अलग-अलग प्रश्न हैं। यदि किसी प्रक्रिया में निर्धारित वैधानिक औपचारिकताओं का पालन नहीं हुआ था, तो केवल बाद में कर भुगतान कर दिए जाने के आधार पर उस पूरी प्रक्रिया को निर्विवाद मान लेना प्रशासनिक जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकता है।

अब सवाल यह भी है कि क्या विभागीय जांच का उद्देश्य केवल शिकायत का निस्तारण करना था या शिकायत में उठाए गए प्रत्येक वैधानिक प्रश्न का तथ्यात्मक और स्पष्ट उत्तर तलाशना? यदि जांच के मूल बिंदु ही अनुत्तरित रह जाएं और बाद की कार्रवाई को आधार बनाकर पूर्व की प्रक्रिया पर पर्दा डाल दिया जाए, तो फिर शिकायत निवारण तंत्र की विश्वसनीयता पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?

यह प्रकरण केवल एक फर्म अथवा एक शिकायत तक सीमित नहीं है। यह उस व्यापक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, जहां कागज पूरे होते ही जांच पूरी मान ली जाती है और सवालों के जवाब तलाशने के बजाय फाइल को बंद करना ही समाधान समझ लिया जाता है। अब देखना होगा कि संबंधित उच्चाधिकारी इस प्रकरण में जांच प्रतिवेदन की पुनर्समीक्षा करते हैं या फिर शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए ये सवाल भी सरकारी फाइलों की धूल में दबकर रह जाते हैं।

YouTube Video VVVkczJNMGQ2RldFcWFEN05Ud3BWVnJnLjM4Rzk4eHN4ZnlZ 🛟धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी और उसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों के घायल होने तथा बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कोयलर क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

पूरी खबर के लिए वीडियो देखें और जुड़े रहें — नई आवाज (NAIAAWAZ.COM)
🛟 समाचार में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!!
🛟धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी और उसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों के घायल होने तथा बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कोयलर क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

पूरी खबर के लिए वीडियो देखें और जुड़े रहें — नई आवाज (NAIAAWAZ.COM)
🛟 समाचार में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!!
धरमजयगढ़ के कोयलर में भीषण हादसा | बस-ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 40-50 यात्री घायल.. @naiaawaznews
Load More... Subscribe

You Might Also Like

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी में फहरायेंगे तिरंगा, और जानिए कौन मंत्री कहां….!

प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ी लापरवाही उजागर, दो पंचायत सचिवों को थमाया नोटिस!

हॉस्टल अधीक्षिका की कार ने मासूम को मारी ठोकर,चालक एवं गाड़ी मालिक के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई नहीं?

संविधान हर हिंदुस्तानी का पवित्र ग्रंथ – न्यायाधीश शर्मा!

दशहरा मेला देख कर लौट रहे, सवारियों से भरी ट्रैक्टर पलटा,3 व्यक्ति मौके पर मौत,की लोग घायल!

TAGGED:District RaigarhNai aawazछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ प्रदेशजनपद पंचायत धरमजयगढजांच कार्रवाई में सवालजिला रायगढ़देवगंगा बोरवेलनई आवाजबिना HSN कोड के बोर खननशिकायतकर्ता असंतुष्ट

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook X Copy Link Print
Share
Previous Article तेजपुर बीट में हाथी ने युवक को दौड़ाकर कुचला, जांच में वनविभाग टीम घटनास्थल पर मौजूद!
Next Article देवगंगा बोरवेल्स पर सवाल,कोड दर्ज नहीं, फिर भी लाखों के बिल, अब उन पंचायत में भी हो निष्पक्षता जांच..!
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
11.6kFollowersPin
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

अवैध क्लिनिक पर प्रशासन का शिकंजा, तहसीलदार व बीएमओ की संयुक्त टीम ने किया सील…!
BREKING NEWS October 31, 2026
ससकोबा पंचायत में सरकारी राशि के इस्तेमाल पर उठे गंभीर सवाल,नाली निर्माण के नाम पर मई में भुगतान, महीनों बाद भी धरातल पर समाग्री तक नहीं…!
Crime news October 30, 2026
आज का राशिफल, 30 अक्टूबर 2026: ग्रहों की चाल खोलेगी भाग्य के नए द्वार, जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का हाल..!
Horoscope October 30, 2026
रायगढ़ जिले में कल भी स्कूलों में रहेंगी छुट्टी,प्रकृति के बदलते तेवर के बीच प्रशासन सतर्क…!
BREKING NEWS October 29, 2026
logo img
एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है। इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ की छोटी से छोटी खबरों को पढ़ सकते हैं और साथ ही पूरे देश विदेश की ख़बरों को पढ़ सकते हैं।
© 2025 Nai Aawaz
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?