By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: वाह रे धनवाड़ा…. कमलसाय से अनुबंध और पांचोबाई की जमीन पर अतिक्रमण?…
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • Home
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • देश विदेश
  • राशिफल
  • राजनीति
  • खेल
  • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Cg newsNai aawazधरमजयगढ

वाह रे धनवाड़ा…. कमलसाय से अनुबंध और पांचोबाई की जमीन पर अतिक्रमण?…

Nai Aawaz
Last updated: June 14, 2025 6:25 pm
Nai Aawaz
Share
8 Min Read
SHARE

हम अपने जीविका के लिए अपने ही भूमि लुटते हुए देख रहें हैं,और हम जीवन की व्यथा किस किस को सुनाये सहाब,अब हम हारने लगे-पीड़ित किसान!

धरमजयगढ।  रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम भालूपखना इन दिनों एक बड़े विवाद का केंद्र बना हुआ है। यहां संचालित लघु जल विद्युत परियोजना को लेकर ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है।  धनवादा कंपनी की यह लघु जल विद्युत परियोजना शुरुआत से ही विवादों से घिरी रही है। वन संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन से लेकर पर्यावरणीय अनियमितताओं तक, इस परियोजना के खिलाफ अनेक बार आवाजें उठी हैं। मगर विडंबना यह है कि प्रशासन की भूमिका हमेशा ही ढुलमुल और निष्क्रिय रही है। कार्रवाई के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की गई, और ज़मीनी हक़ीक़त को लगातार नजर अंदाज किया गया। लेकिन अब जब किसानों की निजी भूमि पर अतिक्रमण का खुला खुलासा हो चुका है, कंपनी प्रबंधन इस बात को रफा-दफा कराने की कोशिश कर रहा है, जबकि प्रभावित किसान इसे ज़मीन की लूट करार दे रहे हैं। ताजा मामला बता दें, नहर कार्य में किसानों के भुअर्जन के अलावा किसानों की निजी अतिरिक्त भूमि पर अवैध रूप से रास्ता बनाए जाने एवं मिट्टी पत्थर से लेकर शेड निर्माण का मामला प्रकाश में आया। और वहीं किसानों ने बताया कि किसानों की शिकायत पर हुए राजस्व सीमांकन में यह तथ्य उजागर हुआ कि कंपनी ने अपनी अधिकृत परियोजना सीमा से बाहर जाकर ग्रामीणों की निजी जमीन पर अतिक्रमण किया है। और उस पर अस्थायी रूप से मार्ग निर्माण कर लिया है। सीमांकन के बाद तैयार पटवारी प्रतिवेदन में साफ़ तौर पर उल्लेख है, कि कंपनी द्वारा प्रभावित किसानों की भूमि पर निर्माणधीन नहर के अगल बगल अस्थायी मार्ग बनाकर कब्जा जमाया गया है, और इस भूमि का उपयोग कंपनी के भारी वाहनों की आवाजाही के लिए किया जा रहा है। और किसानों ने चौंकाने वाली बात बताई है कि इस भूमि के उपयोग के एवज में किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा अथवा भूमि हस्तांतरण का दस्तावेज भी नहीं सौंपा गया।जिसे लेकर किसानों ने अपने उक्त जमीन पर कब्जा कर घेराव किया,जिसके बाद कंपनी प्रबंधन की नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासन के आलाधिकारी कर्मचारियों के फोन किसानों के पास डरावने भरे शब्दों में आने लगे। किसान भयभीत हो उठे, उन्होंने बताया कि हमारे जमीन में आज हमें ही धमकाया जा रहा है, जबकि हमने बेवजह कंपनी प्रबंधन के ऊपर आरोप नहीं लगाया है।

Contents
हम अपने जीविका के लिए अपने ही भूमि लुटते हुए देख रहें हैं,और हम जीवन की व्यथा किस किस को सुनाये सहाब,अब हम हारने लगे-पीड़ित किसान!किरायानामा बना पक्षपात की मिसाल

किरायानामा बना पक्षपात की मिसाल

मामले में लगातार गांव के एक जागरूक किसान कमलसाय बैगा का नाम सामने आने लगा,जिसकी भूमि खसरा नंबर 314/1 रकबा 0.837 को कंपनी प्रबंधन द्वारा कब्जा किया गया है, और उक्त कब्जा भूमि का कंपनी प्रबंधन ने किसान से किराया नामा कराकर रह रहा है, जहां पर कंपनी प्रबंधन अपना आफिस,वाहन रखने एवं आने जाने के लिए कच्ची मार्ग में प्रयुक्त कर रहा है। और वहीं सीमांकन के बाद कमलसाय बैगा द्वारा बताया गया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा सिर्फ आफिस बनाने का जगह की मांग किया है, ऐसा समझकर किराया नामा कर उक्त जमीन को दिया है, लेकिन अब तो रास्ता भी बनाया,वाहन रखने जगह भी कब्जा कर लिया। आगे उन्होंने कहा उसी लेकर अतिरिक्त भूमि पर घेराव किया ताकि उक्त भूमि खेती कर सकूं। आगे उन्होंने कहा इसी को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा हम किसानों को लगातार धमकाते हुए नजर आते रहे हैं,कहा जा रहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा जहां पर कंपनी प्रबंधन द्वारा आफिस, वाहन रखने, कच्चा मार्ग बनाया है, किसान को यानी मुझे कमल साय को महीने में दस हजार रुपए किराया दे रहा है,जिसका स्टाम्प पेपर में आवश्यक लिखा पढ़ी की गई है। आगे उन्होंने कहा बाकी दिए जा रहे किराया भूमि का क्षेत्रफल और आज के दौर में बहुत कम है। फिलहाल मेरे द्वारा किए गए घेराव को तहसीलदार कापू द्वारा उक्त स्थान पर से हटवा दिया गया।

लेकिन वहीं दूसरी तरफ अन्य किसानों का बड़ा सवाल वही प्रशासन से, कि पटवारी सीमांकन के बाद पंचनामा में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि किसान पांचोबाई बैगा पति मयाराम के भूमि खसरा नंबर 309/1 में भी धनबादा कंपनी के द्वारा नहर कार्य हेतु अस्थायी शेड निर्माण किया गया है, तथा खसरा नंबर 343/1 में नहर कार्य हेतु अस्थायी कच्ची मार्ग बनाया गया है, और वहीं पांचो बाई के भूमि पर मिट्टी पत्थर से डंप भी किया गया है। जिसका कंपनी प्रबंधन द्वारा किरायानामा क्यों नहीं कराया गया है? क्या केवल एक किसान को देकर और किसानों के आवाज को दबाने का रफा-दफा करने का कोशिश किया गया है? और इतनी बड़ी कंपनी प्रबंधन द्वारा किसानों के साथ किए जा रहे अन्याय प्रशासन को नहीं दिख रहा? और अन्य प्रभावित किसानों के भूमि का सीमांकन किया गया है, लेकिन आवश्यक दस्तावेज किसानों को उपलब्ध नहीं हो सका है। फिर भी वहीं किसान – कांतीबाई, मालिक राम, सुग्रीव बैगा एवं अन्य प्रभावित किसानों का कहना है, कि उनके भूमि पर भी किसी के भूमि पर शेड निर्माण तो किसी के भूमि पर कच्ची मार्ग बनाकर कंपनी प्रबंधन द्वारा कब्जा किया गया है। लेकिन वहीं कंपनी प्रबंधन द्वारा केवल एक किसान के लिए अनुबंध और बाकी किसानों के भूमि पर अतिक्रमण। संबंध में किसान पांचोबाई ने मायुसी भरे शब्दों में कहा  – “यह ज़मीन हमारे पुरखों की है, हमारे खून-पसीने की है। कोई कंपनी आए और हमें ही बेदखल कर दे, यह न्याय नहीं, अन्याय का नगाड़ा है। अगर हम इसके खिलाफ बोलें, तो अधिकारी धमकाते हैं। ये कैसी व्यवस्था है, जहां अन्यायी सम्मानित है और पीड़ित अपराधी बना दिया गया है?” आगे पीड़ित किसानों ने कहा कि हमारे जमीन पर बाहर लोग आकर धड़ल्ले से कब्जा कर मन चाहा कुछ भी कर ले रहा, और उसका विरोध अगर हम करें,तो कहां करें, क्योंकि यहां के स्थानीय प्रशासन कंपनी प्रबंधन का तरफदारी करते हुए उल्टे हमारे ऊपर हावी हो रहे, और धमकी चमकी देते रहे हैं। कभी तहसीलदार धमकाना,तो कभी एसडीएम का उंचे स्वर में फटकार लगाना,कभी पुलिस प्रशासन से एफआईआर का डर। तो फिर आखिर हम जायें तो कहां जाएं,समझ से परे हो गया है। आगे उन्होंने मायुसी भरे शब्दों में कहा कि एक रास्ता हमारे लिए राज्य का मुखिया विष्णु देव साय ही विकल्प हैं। बाकी हम अपने जीविका के लिए अपने ही भूमि लुटते हुए देख रहें हैं,और हम जीवन की व्यथा किस किस को सुनाये सहाब,अब हम हारने लगे। बहरहाल मामले में धनबादा कंपनी प्रबंधन का रैवया, स्थानीय प्रशासन का शासन और भालूपखना के आदीवासी पीड़ित किसानों की असहाय चीख समझ से परे है।

YouTube Video VVVkczJNMGQ2RldFcWFEN05Ud3BWVnJnLjM4Rzk4eHN4ZnlZ 🛟धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी और उसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों के घायल होने तथा बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कोयलर क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

पूरी खबर के लिए वीडियो देखें और जुड़े रहें — नई आवाज (NAIAAWAZ.COM)
🛟 समाचार में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!!
🛟धरमजयगढ़ के कोयलर क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे बस और ट्रक की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

जानकारी के अनुसार, बस धरमजयगढ़ से खरसिया की ओर जा रही थी और उसमें करीब 40 से 50 यात्री सवार थे। दुर्घटना में कई यात्रियों के घायल होने तथा बस चालक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

कोयलर क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

पूरी खबर के लिए वीडियो देखें और जुड़े रहें — नई आवाज (NAIAAWAZ.COM)
🛟 समाचार में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें!!
धरमजयगढ़ के कोयलर में भीषण हादसा | बस-ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 40-50 यात्री घायल.. @naiaawaznews
Load More... Subscribe

You Might Also Like

रिटायर्ड फौजी भोगेश्वर बेहरा ने बच्चों संग दौड़ लगाकर भरा उत्साह, जय हिंद” के नारों से गुंजा मैदान!

नेशनल एडवेंचर कैंप में जिले के स्काउट एवं गाइड का रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन!

थिरके मास्टर ,,,झूमते रहे लोग ,, होप्स में मना वार्षिकोत्सव..

धंस गई पुलिया से दुर्घटना का भय,आवागमन बाधित!

धरमजयगढ़ पुलिस ने हाई वोल्टेज करंट से मौत के मामले में चार युवकों को किया गिरफ्तार!

TAGGED:Cg newsChhattisgarh newsDistrict RaigarhNai aawazRaigarh police departmentRaipur Chhattisgarhएसडीएम धरमजयगढछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ प्रदेशछत्तीसगढ़ प्रदेश मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायजिला रायगढ़नई आवाजस्थानीय प्रशासन

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook X Copy Link Print
Share
Previous Article जनपद पंचायत धरमजयगढ़ में लोकतांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात, 11 सदस्यों ने जताया विरोध!
Next Article पिता की हत्या करने वाले बेटा और बहू को पुलिस किया गिरफ्तार!
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
11.6kFollowersPin
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

पोतरा पंचायत में शिकायत के बाद ग्रामीणों ने खोली पोल..आवास से लेकर पंचायत व मनरेगा कार्यों तक अनियमितता के आरोप…!
Latest News November 3, 2026
प्रधानमंत्री आवास निर्माण में रास्ते का विवाद, हितग्राही ने थाना और नगर पंचायत में लगाई गुहार…!
Latest News November 2, 2026
भाजपाइयों ने स्वर्गीय ओम प्रकाश राठिया का संघर्षपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन को किए याद..
Cg politics November 2, 2026
38.900 टन लोहे में 5 टन की हेराफेरी का खुलासा, पूंजीपथरा पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ़्तार..!
Crime news November 2, 2026
logo img
एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है। इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ की छोटी से छोटी खबरों को पढ़ सकते हैं और साथ ही पूरे देश विदेश की ख़बरों को पढ़ सकते हैं।
© 2025 Nai Aawaz
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?